भगवान शिव को रुद्राक्ष अतिप्रिय है। धरती पर रुद्राक्ष को स्वयं भगवान शिव का अवतार कहा जाता है। कहते हैं कि भगवान शिव के अश्रु ही रुद्राक्ष का रूप हैं जो धरती पर आ गिरे थे। रुद्राक्ष को स्वयं शिव का स्वरूप कहा गया है।
मान्यता है कि जिसके पास शिव का रुद्राक्ष होता है उसका काल भी कुछ बिगाड़ नहीं पाता है। इसलि अगर आप शिव की कृपा पाना चाहते हैं तो रुद्राक्ष अवश्य धारण करें।
रुद्राक्ष एक से चौदह मुखी तक मिलते हैं लेकिन आज हम आपको हनुमान जी के प्रिय रुद्राक्ष के बारे में बताएंगें। हनुमान जी को 14 मुखी रुद्राक्ष बहुत प्रिय है।
14 मुखी रुद्राक्ष
चौदह मुखी रुद्राक्ष भगवान शिव को सर्वप्रिय है। इसे हुनमान जी का स्वरूप माना जाता है। 14 मुखी रुद्राक्ष 14 विद्या, 14 लोक, 14 मनु का साक्षात् रूप है। चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से आपके जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं और आपमें आत्मविश्वास बढ़ता है। इस रुद्राक्ष पर शनि देव की कृपा भी होती है।
चौदह मुखी रुद्राक्ष के लाभ
– चौदह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाला व्यक्ति रुद्रलोक में वास करता है। चौदह मुखी रुद्राक्ष को मंत्र उच्चारण के पश्चात् ही धारण करना चाहिए अन्यथा धारणकर्ता को घोर पाप लगता है।
– जो लोग शनि के दोष से पीडित हैं उन्हें भी चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से लाभ होगा। इस रुद्राक्ष से आपको शनि की कृपा प्राप्त होती है। अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है तो आपको 14 मुखी रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए। चौदह मुखी रुद्राक्ष शनि के दोष से मुक्ति दिलाता है।
– हनुमान जी से संबंधित होने के कारण 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति को हुनमान जी की भी विशेष कृपा मिलती है। अगर आपके ऊपर मंगल की बुरी दशा चल रही है या आप मंगल के प्रकोप से पीडित हैं तो आपको चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
कभी नहीं होगी जेल
चौदह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने वाले व्यक्ति को कभी भी जेल जाना नहीं पड़ता। यही इस रुद्राक्ष की सबसे बड़ी खासियत है कि इसे धारण करने वाले पर कभी कोई मुसीबत नहीं आती है।
भगवान शिव भी चौदह मुखी रुद्राक्ष ही धारण करते हैं इसलिए इस रुद्राक्ष का अत्यंत महत्व है। चौदह मुखी रुद्राक्ष को धारण करने से आपको भगवान शिव की कृपा भी प्राप्त होती है।
चौदह मुखी रुद्राक्ष पक्षाघात की चिकित्सा के लिए अत्यंत हितकारक है अर्थात् 14 मुखी रुद्राक्ष सेहत के लिए भी फायदेमंद है।
कैसे करें प्रयोग
चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करते समय ‘ऊं नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करने से पूर्व इस मंत्र का जाप कम से कम 108 बार करना चाहिए।
कहां से लें
चौदह मुखी रुद्राक्ष को हमारे पंडितजी द्वारा अभिमंत्रित कर के आपके पास भेजा जाएगा जिससे आपको शीघ्र अति शीघ्र इसका पूर्ण लाभ मिल सके।
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